ज्योतिष शास्त्र में 'सटीकता' ही सब कुछ है। कुंडली निर्माण के लिए तीन चीजों की आवश्यकता होती है:
जन्म कुंडली (जिसे जन्म पत्री या टेवा भी कहा जाता है) एक खगोलीय मानचित्र है। जिस क्षण किसी बालक का जन्म होता है, उस समय सौरमंडल में सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रह किस राशि और किस नक्षत्र में स्थित हैं, उसका लेखा-जोखा ही कुंडली है। इसमें 12 भाव (Houses) होते हैं, जिनमें 9 ग्रहों की स्थिति आपके भाग्य, स्वास्थ्य, करियर और रिश्तों को निर्धारित करती है। janam kundali by date of birth and time in hindi
यह ग्रहों की स्थिति (गोचर) बताती है। janam kundali by date of birth and time in hindi
अक्षांश और देशांतर (Latitude/Longitude) के आधार पर ग्रहों की स्पष्ट स्थिति जानने के लिए यह अनिवार्य है। janam kundali by date of birth and time in hindi
यह आपके 'लग्न' (Ascendant) को निर्धारित करता है। लग्न हर दो घंटे में बदल जाता है, इसलिए सटीक समय के बिना सटीक भविष्यवाणी संभव नहीं है।
जन्म कुंडली क्या है? (What is Janam Kundali?)
जन्म तिथि और समय का महत्व